दिन, महीना, और वर्ष।
कुंडली का दूसरा (धन भाव) और ग्यारहवां (आय भाव) घर यह तय करता है कि आपके जीवन में पैसों की स्थिति कैसी रहेगी। आप कब अमीर बनेंगे या आपको कब आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है, इसकी जानकारी पहले से मिल जाती है।
रोग, ऋण (कर्ज), शत्रु और प्रतियोगिता। janam kundali by date of birth and time in hindi
ये जीवन के विभिन्न क्षेत्रों को दर्शाते हैं (जैसे- प्रथम भाव-शरीर, द्वितीय-धन, सप्तम-विवाह, दशम-करियर)।
के माध्यम से आप अपने जीवन के हर महत्वपूर्ण पहलू को समझ सकते हैं। यह आपको अपनी शक्तियों और कमजोरियों को पहचानने में मदद करती है, जिससे आप सही फैसले ले सकें। ज्योतिषीय उपायों द्वारा ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है और जीवन में सफलता प्राप्त की जा सकती है। janam kundali by date of birth and time in hindi
महत्वपूर्ण कार्यों के लिए सही समय का चुनाव करना।
ग्रह (Navagraha)
अक्षांश (Latitude) और देशांतर (Longitude) की गणना के लिए जन्म स्थान आवश्यक है, क्योंकि ग्रहों की स्थिति दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग दिखाई देती है। यह कुंडली के आधार को सटीकता प्रदान करता है।
कुंडली निर्माण के लिए 3 सबसे महत्वपूर्ण जानकारियां janam kundali by date of birth and time in hindi