Hindi Pdf ((link)) — Aurangzeb The Man And The Myth In
पुस्तक यह बताती है कि औरंगजेब ने कुछ मंदिरों को तोड़ा, लेकिन इसके पीछे के कारण केवल धार्मिक नहीं, बल्कि राजनीतिक भी थे (जैसे कि विद्रोही राजाओं के साथ मंदिरों का जुड़ाव)। साथ ही, उन्होंने कई मंदिरों को दान भी दिया और उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित की।
उस समय मंदिर राजाओं की शक्ति और उनकी राजनीतिक निष्ठा का प्रतीक होते थे।
इतिहासकार ऑड्रे ट्रुशके (Audrey Truschke) द्वारा लिखी गई एक बेहद चर्चित और विवादास्पद किताब है, जो भारत के छठे मुगल सम्राट औरंगज़ेब आलमगीर के जीवन, उसकी नीतियों और आधुनिक समय में उसकी छवि का एक नया विश्लेषण प्रस्तुत करती है। इंटरनेट पर अक्सर पाठक इस महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज़ को समझने के लिए "Aurangzeb The Man And The Myth In Hindi Pdf" कीवर्ड खोजते हैं। Aurangzeb The Man And The Myth In Hindi Pdf
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जजिया कर उस समय के इस्लामिक शासन का हिस्सा था। औरंगजेब ने इसे लागू किया, लेकिन इसके पीछे राजकोष को भरने का उद्देश्य भी था, क्योंकि मराठों और अन्य विद्रोहियों के खिलाफ युद्धों में बहुत पैसा खर्च हो रहा था। Aurangzeb The Man And The Myth In Hindi Pdf
इसमें कोई संशय नहीं है कि औरंगज़ेब के आदेश पर काशी विश्वनाथ और मथुरा के केशवदेव मंदिर जैसे प्रमुख मंदिरों को तोड़ा गया। लेकिन इतिहासकार ट्रुशके के अनुसार, इन मंदिरों को तोड़ने का कारण विशुद्ध धार्मिक न होकर राजनीतिक विद्रोह था।
लेखिका ने औरंगज़ेब द्वारा मंदिरों को तोड़े जाने को धार्मिक कट्टरता के बजाय राजनीतिक कार्यों के रूप में देखने का सुझाव दिया है। वे कहती हैं कि मंदिर विनाश की घटनाएं अक्सर उन विद्रोहों से जुड़ी थीं, जहां शासकों ने मंदिरों का उपयोग राजनीतिक रूप से किया था। 3. "क्रूर शासक" की छवि Aurangzeb The Man And The Myth In Hindi Pdf
हालाँकि ट्रुश्के की पुस्तक का हिंदी अनुवाद उपलब्ध नहीं है, फिर भी औरंगज़ेब के विषय में हिंदी PDF के रूप में अन्य उपयोगी संसाधन मौजूद हैं:
1. न्यायप्रिय राजा बनाम धार्मिक कट्टरपंथी